गौमाता के अगर आह (आन्त ) बाहर आ जाये तो इस प्रकार सावधानी बरते :- 100 ग्राम शक्कर को बारीक पीस ले तथा आह को ठण्डे पानी से धो लेव फिर आह के ऊपर धीरे धीरे पिसी हुई शक्कर को लगाये इसके बाद घी या तीली का तेल से हाथ को अच्छी तरह लगा लेवे थोङा थोङा आह पर भी लगा लेवे । हाथों के लम्बे नाखून नही होने चाहिये फिर धीरे धीरे आह को अन्दर दिजिये । आह पूरी तरह अन्दर होने के बाद गौमाता को खङी कर दिजिये ।












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